कंधों के सहारे है बिहार का स्वास्थ्य विभाग,देखिए सदर अस्पताल में एक बाप कैसे ले जा रहा अपने जिगर का शव

बिहार लापरवाही
जनादेश न्यूज़ नालंदा
बिहारशरीफ : मुजफ्फरपुर में चमकी की चमक से बिहार का पूरा स्वास्थ्य विभाग यूं नंगा दिख रहा है ऐसा कहे तो लगता है कि बिहार में केवल स्वास्थ्य विभाग के नाम पर मंत्री और सफेदपोश के घर यूं चांदी कट रही है. मंत्री जी के बच्चे बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अस्पताल में इलाज नहीं करवा पाते हैं उनके लिए ऐसी सहित कोई बड़ा अस्पताल होता है और उन गरीब तबके के लोगों के लिए बिहार सरकार का अस्पताल है जिनका इस राष्ट्र में कोई सहारा ना हो बस केवल उनके वोट का अधिकारी वह सफेदपोश हैं.
जो चुनाव के समय अपने लंबे जुमलों से उनके वोट का अधिकारी बनते हैं और हरसंभव उन्हें मदद करने का वचन देते हैं. ताजा मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा स्थित जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के सदर अस्पताल बिहार शरीफ का है जहां से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक तस्वीर सामने आई है जहां एक पिता अपने जिगर के टुकड़े का शव को एंबुलेंस पर ना ले जाकर अपने कंधों पर ढो रहा है.हाय रे बिहार के विकास पुरुष ऐसी है आपकी विकास जो एक लाचार पिता अपने जिगर के टुकड़े के शव को आखिर किस परिस्थिति बस कंधों पर ले कर चल दिया उस दर्द का बयान हम और आप नहीं कर सकते और ना ही वह पिता अपने मुंह से कर सकता है क्योंकि उसने अपने जिगर के टुकड़े को खोया है. घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार आपको बता देंगे परवलपुर थाना क्षेत्र के सीता बीघा गांव निवासी 7 वर्षीय सागर कुमार सुबह में साइकिल चलाकर घर आया और अचानक बेहोश हो गया परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाए और वहीं उसकी मृत्यु हो गई. मृत्यु उपरांत शव वाहन नहीं मिलने से लाचार पिता अपने पुत्र के शव को कंधों पर उठाकर चल दिया उधर इस मामले पर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्चे की मौत अस्पताल लाने से पहले ही हो गई. खैर मामला जो भी हो इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने त्वरित जांच के आदेश दिए और उन्होंने आश्वासन दिया है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी चाहे वह जो भी हो.