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गरीबों के प्रति ऐसी मानसिकता रखकर आखिर महागठबंधन प्रत्याशी अशोक आजाद कैसे बनाएंगे नया सामाजिक न्याय का नालंदा?बोले मंत्री श्रवण कुमार ऐसा नेता नालंदा और बिहार के लिए नहीं चाहिए.

नालंदा राजनीति
जनादेश न्यूज़ नालंदा
बिहारशरीफ:खुले मंच से गरीबों को प्रणाम और नमस्कार करने वाले रईस दार नेताजी जो मंच से अपने प्रतिद्वंदी को जनता के बीच रंगल सियार बताते हैं और चुनाव में रंग रंग कर आने की बात करते हैं और भारी संख्या में अपना समर्थन मांगते हैं. अपने ऊपर आशीर्वाद की बात नहीं बहुत बड़ी छतरी की बात करते हैं छतरी देने वाले में लालू प्रसाद यादव जीतन राम मांझी उपेंद्र कुशवाहा मुकेश सहनी की बात बताते हैं.

उक्त सारी बातें नालंदा लोकसभा संसदीय क्षेत्र से महागठबंधन के हम पार्टी के प्रत्याशी अशोक आजाद चंद्रवंशी खुले मंच से कहते हैं. वह गरीबों के हक और उनके उत्थान की लड़ाई लड़ने की बात करते हैं यहां तक कि अपना घड़ियाली आंसू बहाने के लिए दुख की पहाड़ गिरने वाले परिवारों के पास भी पहुंचते हैं लेकिन जब यह तस्वीर खुलकर सामने आया तो इनकी सारी रईस गिरी समझ में आ गई कि आखिर ऐसे रईस नेता जी गरीबों के हक की बात करते हैं या गरीबों के सपनों पर राज करते हैं.
आपको बता दें कि नालंदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है जहां से एनडीए प्रत्याशी कौशलेंद्र कुमार के विरोध में महागठबंधन के उम्मीदवार अशोक आजाद चंद्रवंशी हैं और अशोक आजाद चंद्रवंशी का एक तस्वीर उस वक्त सामने आया जब वह अपने पैर में पहनने वाले जूता और मौजा को भी गरीबों के हाथों से पहनते हैं. रईस दार नेताजी को तैयार करने के लिए जूता और मौजा उनके यहां काम करने वाले गरीब लोग पहनाते हैं जूता का फीता तक भी बांधते हैं मौजा भी पहनाते हैं और उन्हें चुनाव प्रचार में निकलने के लिए तैयार करते हैं. यानी यह कहना गलत नहीं होगा कि गरीबों की बात कहने वाले नेता जी आखिर गरीबों का शोषण कर रहे हैं. बावजूद महागठबंधन प्रत्याशी अशोक आजाद चंद्रवंशी नया सामाजिक न्याय का नालंदा बनाने का वादा करते हैं.
उधर इस मामले पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि गरीब का नाम लेने से कुछ नहीं होगा गरीब घर में पैदा लेने से कुछ नहीं होता गरीबों के लिए सोचने वाला व्यक्ति होना चाहिए गरीबों के प्रति सोच होना चाहिए उन्होंने कहा कि हम लोगों के नेता नीतीश कुमार कि गरीबों के प्रति सोच है इसलिए गरीबों के प्रति योजना बन रही है और उसका कार्यान्वयन हो रहा है उन्होंने कहा कि नालंदा में जो उम्मीदवार चुनाव लड़ने आए हैं हम पार्टी से वह जूता भी खुद नहीं पहन सकते कपड़ा भी खुद नहीं पहन सकते खाना भी खुद नहीं खा सकते तो इन्हें खाना खिलाने वाला चाहिए उनको शरीर में मालिश करने वाला चाहिए उनको जूता पहनाने वाला चाहिए ऐसे लोग गरीब के नेता नहीं हो सकता है यह लोग गरीबों को ठगने का काम यह कर रहे हैं
गरीब का नाम लेकर यह ढोंग कर रहे हैं ऐसे नेता को न नालंदा में जरूरत है ना बिहार में जरूरत है ना देश में जरूरत है ऐसे नेता को बाहर करना चाहिए जमानत जप्त कराना चाहिए जो खुद अपना जूता भी नहीं पहन सकता है अपना शरीर भी ठीक नहीं कर सकता है इससे इस क्षेत्र की जनता को कोई उम्मीद नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि इन्हें नालंदा की जनता नकारने का काम करेगी और इन्हें जमानत जप्त कराकर उन्हें बैरंग जहां से आए हैं रांची से आए हैं वही रांची भेजने का काम करेंगे वहीं इनका ताकि बढ़िया से वहां इनका पॉलिश हो सके बढ़िया से इनका दवाई हो सके बढ़िया से इनका खिदमत हो सके यहां के लोग इनका खिदमत करने को तैयार नहीं होंगे इस तरह का नेता ना हम लोगों के साथ है और ना ऐसा नेता नालंदा और बिहार के लिए चाहिए.

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