जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी,जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच हेतु उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित किया जांच दल

नालंदा
जनादेश न्यूज़ नालंदा
बिहारशरीफ:रविवार- सोमवार रात्रि में दीप नगर स्थित पर्यवेक्षण गृह से चार किशोर बंदी बाथरूम के गलियारे की खिड़की का ग्रिल काटकर फरार हो गए।
सूचना प्राप्त होते ही जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, प्रधान न्यायाधीश किशोर न्याय परिषद बिहार शरीफ, अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं अन्य पदाधिकारी द्वारा सोमवार को सुबह पर्यवेक्षण गृह पहुंचकर मामले की जांच की गई।
सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य माध्यमों से की गई प्रारंभिक जांच में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में पाया गया कि एक फरार बाल बंदी के एक संबंधी द्वारा 10 मई को पर्यवेक्षण गृह में कुछ सामान लाया गया था, जिसकी विधिवत जांच होमगार्ड के जवानों के द्वारा नहीं की गई थी। जांच में पाया गया कि पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक के कहने पर होमगार्ड के जवानों द्वारा लाए गए सामान की जांच नहीं की गई थी।
इससे पूर्व 14 मार्च एवं 3 मई को जिला पदाधिकारी द्वारा पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण किया गया था, जिसमें मोबाइल, चिलम एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। निरीक्षण के क्रम में अधीक्षक को सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए थे। जांच में स्पष्ट हुआ कि पर्यवेक्षण गृह की सुरक्षा में अधीक्षक एवं प्रतिनियुक्त कर्मियों द्वारा लापरवाही बरती गई है।
पर्यवेक्षण गृह के बाथरूम के गलियारे की जिस खिड़की का ग्रिल काटकर किशोर फरार हुए, वह ग्रिल काफी मोटा है । जिसे काटने में काफी समय लगा होगा तथा आवाज भी उत्पन्न हुई होगी।
जांच में यह भी पाया गया कि चारो भागे हुए किशोर बंदी हमेशा अधीक्षक की सह पर मेस में खाना नहीं खा कर अपने कमरे में खाना मंगवा कर खाते थे।

यह भी तथ्य सामने आया कि एक फरार किशोर बंदी ने अधीक्षक के छुट्टी पर जाने से पूर्व उनसे अकेले में काफी देर तक बातचीत भी की थी।
जांच में यह भी पाया गया कि कुछ दिन पहले जमानत पर रिहा हुए एक किशोर बंदी को पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक द्वारा पर्यवेक्षण गृह में रखा गया था, जिसे अधीक्षक के आवास में सोया पाया गया था। उसके पास वोकेशनल रूम की चाबी भी थी, जबकि वोकेशनल रूम में कटर, पेचकस जैसे अन्य लौह उपकरण रखे जाते हैं।
प्राथमिक जांच के क्रम में पाए गए इन तथ्यों के आधार पर बंदियों के फरार होने में पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक, रसोईया, हेल्पर एवं अन्य सुरक्षाकर्मियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। इन तथ्यों के आधार पर जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार प्रभारी सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई ब्रजेश मिश्रा द्वारा दीपनगर थाना में पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक, सुरक्षा कर्मी, रसोईया एवं हेल्पर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। थाना द्वारा दीपनगर थाना कांड संख्या 132/ 19 दिनांक 13 मई 2019 द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर मामले का अनुसंधान किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुसंधान के आधार पर पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक दीर्घराज, रसोईया सुनील सिंह, हेल्पर अश्विन कुमार, आंतरिक सुरक्षा गार्ड प्रेम कांत तथा होमगार्ड राजा राम प्रसाद, राजकुमार प्रसाद, सुंदरलाल एवं विनोद रविदास को थाना लाकर पूछताछ की जा रही है।
जिला पदाधिकारी ने उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में पूरे प्रकरण की जांच हेतु एक जांच दल गठित किया है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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