तो क्या 2024 की रणनीति पर चल रहे हैं नीतीश कुमार?

बिहार राजनीति
जनादेश न्यूज़ बिहार
पटना : लोकसभा में खराब प्रदर्शन के बाद तृणमूल कांग्रेस ने 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लोकप्रियता बढ़ाने के लिए पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) की सेवाएं ली हैं. खास बात यह है कि यह संगठन जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant kishor) यानि पीके का है. बीजेपी की पश्चिम बंगाल ईकाई ने पीके की टीम पर राज्य सरकार के अधिकारियों के कामकाज में हस्तक्षेप करने और वरिष्ठ अधिकारियों पर उनका आदेश मानने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. हालांकि I-PAC इन आरोपों से इनकार किया है. सवाल उठ रहा है कि क्या इसका असर बीजेपी-जेडीयू के संबंधों पर भी पड़ेगा? जानकार मानते हैं कि इन आरोपों-प्रत्यारोपों का बहुत असर फिलहाल बीजेपी-जेडीयू नहीं पड़ने जा रहा है, लेकिन बीजेपी की चिंता ये जरूर है कि एनडीए में रहते हुए भी जेडीयू नेता बीजेपी की धुर विरोधी ममता बनर्जी का साथ क्यों दे रहे हैं?

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