धन वैभव की देवी महालक्ष्मी की पूजा आज पूजा की सारी तैयारियां पूरी

जमुई
जनादेश न्यूज़ जमुई
गिद्धौर (अजित कुमार यादव): प्रखंड के अंतर्गत उलाई नदी तट पर स्थित दुर्गा मंदिर के परिसर में दुर्गा पूजा के उपरांत धन वैभव की देवी महालक्ष्मी की पूजा आश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि के संध्या के समय में महालक्ष्मी की पूजा प्रतिमा स्थापित प्राण प्रतिष्ठा करके पूरे विधि विधान एवं नेम निष्ठा के साथ यहां सदियों से कराई जाती है । वहीं इस बार ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर प्रांगण में धन वैभव की देवी मां महालक्ष्मी की पूजा को लेकर सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। जानकारी के अनुसार गिद्धौर चंदेल राजवंश के द्वारा सदियों से दुर्गा पूजा के उपरांत आश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि की संध्या बेला में धन, वैभव, यश की देवी मां लक्ष्मी की पूजा प्रतिमा स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा कर देवघर के विद्धान पंडितों द्वारा पूरे विधि व नेम निष्ठा के साथ कराने की परंपरा चली आ रही है। बतातें चले कि बंगाल राज्य में जिस तरह मां लख्खी की पूजा सदियों से कराई जा रही है। इसी प्रकार गिद्धौर चंदेल राजवंश के शासकों द्वारा अपने राज्य के आम अवाम के सुख समृद्धि के लिए बंगाल के इस पूजा का हिन्दी रूपांतरण मां लक्ष्मी की पूजा सदियों से गिद्धौर के ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में कराई जा रही है।
ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में स्थापित लक्ष्मी मां की जो भक्त सच्चे हृदय से पूजा अर्चना करते है। उनकी झोली मां धन धान्य से भर देती है। जबकि इस बार दुर्गा मंदिर में मां लक्ष्मी की प्रतिमा आश्विन शुक्ल पूर्णिमा रविवार के दिन प्राण प्रतिष्ठा कर पूजन प्रारंभ की जाएगी व मां लक्ष्मी की प्रतिमा का विसर्जन कार्तिक प्रतिपदा सोमवार को किया जाएगा। जबकि इस महालक्ष्मी पूजा में भव्य मेला भी लगता है जिसमें हजारों श्रद्धालुओं मां के दर्शन के लिए आते हैं।