बेकार ना जाए जवानों की शहादत, हिसाब मांग रहा है पूरा हिंदुस्तान, सुनी हो गई मां की आंचल,बच्चों का छीन गया प्यार

देश
जनादेश न्यूज नालंदा 
(राजीव रंजन,9304117882)
सच में आज नींद नहीं आ रही, क्या करूं कायरों ने हमारे जवानों को बंदूक उठाने का भी मौका न दिया, कैसे होंगे शहीद जवानों के घर का माहौल…
क्या बीत रही होगी उस मां पर जिसने अपना बेटा खोया जब अंतिम छुट्टी पर अपने बेटे को जाते हुए टकटकी निगाहों से देख रही होगी और आज शहीद होने के बाद उसे यकीन नहीं होगा कि मेरा बेटा शहीद हो गया है उस मां को पूर्ण विश्वास है कि मेरा बेटा जरूर आएगा..
क्या बीत रहा होगा उस बहन पर जिसने अपना भाई खोया जब रक्षाबंधन के दिन अपने भाई के हाथों में रक्षा सूत्र बांधने हुए कही होगी कि भैया मेरे लिए क्या लाओगे जब तुम अगली बार छुट्टी में घर आओगे तो…
उस सहोदर भाई पर क्या गुजर रहा होगा जिसने बचपन में भाई से झगड़ा करने के बाद भी हंसते हुए बोलता था भैया देखो ना यह क्या है और सेना में बहाल होने के बाद पूछता था भैया क्या क्या होता है वहां……
क्या गुजर रहा होगा उस बूढ़े बाप को जिसने अपने बेटे को बचपन से गोद में लेकर इधर उधर घूमते थे और सेना में जाने के बाद उनकी छाती चौड़ी हो गई थी कि अब मेरा बेटा देश का रक्षा करेगा….
आज उनका गर्व से सीना और चौड़ा हो गया होगा की आज मेरा बेटा इस देश के लिए शहीद हो गया बस प्रेम बंधन के आंसू उस आंख से निकल रहे होंगे…
उस पिता के दिल पर क्या गुजर रही होगी जब पुत्र छुट्टी में जाने के बाद कहां होगा पिताजी कल चला जाऊंगा… किस कानों से जवान की पत्नी अपने पति के शहीद होने की सूचना सुनी होगी..
क्या बीत रहा होगा उनके बच्चों पर! हाय रे जालिम दहशतगर्द एक मौका तो दिया होता… धिक्कार है ऐसे जिहादियों पर जिसने दहशतगर्दी के नाम पर खूनी खेल खेला.
मोदी जी आप देश के प्रधानमंत्री हैं जनता अपना बहुमूल्य वोट देकर आप को देश के सर्वोच्च कुर्सी पर विराजमान किया राजनाथ सिंह जी आप ही के संरक्षण में गृह मंत्रालय है अब क्या करिएगा उस मां के सुनिया आंचल को हरा भरा तो नहीं कर सकते.
उस बूढ़े बाप के बुढ़ापे की लाठी तो आप नहीं बन सकते. उस बहन के सहोदर भाई तो आप नहीं हो सकते.
उस पत्नी पर क्या गुजर रही होगी जब अपने पति को छुट्टी के बाद जाते हुए रो पड़ी थी और पूछी थी कि कब आइएगा. उन छोटे-छोटे बच्चे अपनी मां से क्या पूछेगा कि मा पिताजी अब कब आएंगे.
पिताजी बोले थे बेटा अब की छुट्टी में आएंगे तो तुम्हें अच्छे से स्कूल में नाम लिखा देंगे तुम भी अच्छे से पढ़ाई करना और सेना में अधिकारी बनना.
राजनाथ सिंह जी उस मां की दर्द को मैं भी बयां नहीं कर सकता हूं.. क्योंकि आप भी एक मां के ही संतान है. उन कायरों के कातिल आने हमले का जवाब किस अंदाज में देना है वह आप नहीं भारतीय सेना जरूर जानती है.
इतना ही नहीं इस देश का एक बच्चा-बच्चा जानता जानता है उस कायर पाकिस्तान की औकात. मुझे पूर्ण भरोसा और विश्वास है गृह मंत्री और प्रधान मंत्री महोदय कि आप इन वीर सपूतों का शहीद बेकार नहीं जाने दीजिएगा क्योंकि यह शहीद भी आपका भाई भतीजा और दोस्त रहा होगा.
जनादेश न्यूज़ की तरफ से इस कातिलाना आतंकी हमला में शहीद उन वीर सपूतों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं तथा घायल उन वीर जवानों को भगवान से जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं और निश्चित तौर पर विश्वास करता हूं किया शहादत सुनी नहीं जाएगी.