सीएम के गृह जिले में भरभरा कर गिरी ज्ञान की मंदिर जहां पढ़ते थे गरीब मासूम , टला बड़ा हादसा

नालंदा लापरवाही
जनादेश न्यूज़ नालंदा
बिहारशरीफ : भले ही राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की बात कर रही हो लेकिन सीएम साहब के गृह जिले में ज्ञान के मंदिर की ऐसी तस्वीर को देखकर आप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कितनी आशा कर सकते हैं सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. बिहार में शिक्षा माफियाओं की बहार है जी हां बड़े बड़े बिल्डिंग में प्राइवेट स्कूल जहां सफेदपोश और बड़े-बड़े अधिकारियों के आने वाले भविष्य अपना अध्ययन करते हैं मगर उस सरकारी विद्यालय जो केवल उन गरीब और समाज के दबे कुचले लोगों के भविष्य के लिए बना है जहां अभी तक भी भवन का निर्माण पूर्ण रूपेण नहीं किया जा सका है. ताजा मामला जिला मुख्यालय बिहारशरीफ स्थित बिहार थाना क्षेत्र के चैनपुरा का है जहां उर्दू प्राथमिक विद्यालय का भवन गिर गया और बहुत बड़ी हादसा टल गई आपको बता दें कि मंगलवार के दिन मोहर्रम की छुट्टी थी जिससे कि विद्यालय में कोई भी बच्चे मौजूद नहीं थे और दोपहर में अचानक विद्यालय का छत भरभरा कर गिर गया जबकि आपको बता दूं कि इस विद्यालय के निर्माण के लिए स्थानीय विधायक के द्वारा शिक्षा मंत्री तक को भी पत्र लिखा गया था बावजूद शिक्षा मंत्री का ध्यान इस ओर आकृष्ट नहीं हो सका शायद वह अपनी कार्यों की व्यस्तता से इस ओर ध्यान नहीं दे सके.
भगवान ना करे कि कुछ होता छुट्टी के कारण आज कोई हादसा नहीं हो सका क्या होती जब आज इस छत के नीचे गरीब घर के वह मासूम शिक्षा ग्रहण करते बस सरकार उन गरीबों के आंसुओं पर राजनीति करती और उनकी कोई हैसियत  नहीं होती. सरकार के उन रहनुमाओं को ऐसी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है उन्हें समाज में ऐसे छोटे-छोटे कार्यों को करने की आवश्यकता है जिससे कि इस बद इंतजामी से समाज में उनकी बदनामी ना बल्कि सराहना की जा सके लेकिन सरकार जो ठहरी डिजिटल भले ही विद्यालय में छात्र रहे या ना रहे मगर स्मार्ट क्लासेज की शुरुआत सभी विद्यालयों में करा दी गई है लेकिन इन गरीब और मासूमों के और किसी भी रहनुमाओं का ध्यान आकृष्ट नहीं हो रहा था और अचानक आज विद्यालय की छत भरभरा कर गिर गई जिससे कि आने वाले समय में इन बच्चों के पढ़ाई लिखाई पर काफी प्रभाव पड़ेगा.

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