स्नातक अधिकार मंच के बैनर तले ज्यादा से ज्यादा संख्या में नए वोटरों को जोड़ने के लिए दिलीप कुमार ने किया प्रेस वार्ता का आयोजन

नालंदा विविध
जनादेश न्यूज़ नालंदा
बिहारशरीफ : शुक्रवार को होटल ममता इंटरनेशनल के सभागार में स्नातक अधिकार मंच के बैनर तले मंच के संयोजक दिलीप कुमार के द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. संवाददाताओं को संबोधित करते हुए दिलीप कुमार ने कहा कि आगामी 2020 के अप्रैल माह में जो पटना स्नातक विधान पार्षद का चुनाव होने जा रहा है उसमें वोटर बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से 6 नवंबर तक चलेगी. उन्होंने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले जिले जिसमें पटना नालंदा एवं नवादा जिला आता है और इस क्षेत्र के स्नातकों से अपील करते हुए कहा की इस चुनाव में भाग लेने के लिए सभी स्नातक भाई एवं बहन स्नातक निर्वाचक फॉर्म अवश्य भरकर प्रखंड विकास पदाधिकारी के यहां जमा करवा दें. उन्होंने मतदाता बनने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा की सन 2016 तक जो भी लोग चाहे वह स्त्री हो या पुरुष स्नातक कर चुके हैं. वह स्नातक (ग्रेजुएट) या इंजीनियरिंग मैनेजमेंट, एमबीए या उसके समकक्ष डिग्रीधारी इसमें मतदाता बन सकते हैं.

वैसे स्नातक भी मतदाता बन सकते हैं जो सरकारी नौकरी प्राइवेट नौकरी या किसी भी तरह का रोजगार कर रहे हैं सिर्फ उन्हें 2016 तक स्नातक या उसके समकक्ष पास होना चाहिए. 2016 के पहले तक चाहे कितने भी पुराने स्नातक हो किसी भी उम्र के स्नातक वोटर बनकर इस मतदान में भाग ले सकते हैं. स्नातक मतदाता बनने के लिए चार बातों पर ध्यान देना अति आवश्यक है जिसमें पहला स्नातक पास होने का प्रमाण के रूप में फाइनल ईयर की मार्कशीट की छाया प्रति के साथ वोटर आईडी कार्ड का एपिक नंबर एक रंगीन फोटोग्राफ के साथ-साथ मोबाइल नंबर का होना अनिवार्य है.इन सभी कागजातों के साथ form-18 भरकर अपने गृह प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी के यहां जमा कर उसका रसीद लेना ना भूले. ध्यान रहे चुनाव आयोग के द्वारा फार्म जमा करने की अंतिम तारीख 6 नवंबर 2019 तक है. वही दिलीप कुमार ने इस चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर पटना कमिश्नरी के आयुक्त से भी मांग की है कि गांव,पंचायत एवं शहरों में वार्ड स्तर पर स्नातक का फॉर्म बीएलओ के द्वारा भरवाया जाना चाहिए साथ ही साथ इसका प्रचार-प्रसार सरकार के द्वारा करवाया जाना चाहिए उन्होंने इस क्षेत्र के पूर्व में विजई हुए विधान पार्षदों पर विशेष रूप से चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व के विधान पार्षदों के द्वारा भी कभी व्यापक रूप से वोटर बनवाने की कोशिश नहीं की गई बल्कि पुरानी वोटरों के सहारे ही चुनाव लड़ कर सदन की शोभा बढ़ाते रहें. वह तो भला हो चुनाव आयोग को जिसने इस बार के चुनाव में सभी पुराने वोटरों को आगे आने का मौका दिया दिलीप कुमार ने पार्षदों पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज
तक के सिर्फ स्नातकों का बोट लेकर कभी भी स्नातकों की चर्चा सदन में नहीं की बल्कि उल्टे ही स्नातक एवं स्नातकोत्तर किए हुए सरकारी कर्मचारियों को अपशब्द कहने का ही काम किया है.