25 अप्रैल को मनाया गया विश्व मलेरिया दिवस राज्य के सभी जिलों में चलाया जायेगा मलेरिया रोकथाम अभियान “जीरो मलेरिया की शुरुआत मुझसे” है इस वर्ष की थीम

नालंदा विविध
जनादेश न्यूज़ नालंदा
बिहारशरीफ:गर्मी बढ़ते ही मच्छरों की तादाद अचानक से बढ्ने लगती है जो कई प्रकार की संक्रामक बीमारियाँ घर पर लाती है। इन संक्रामक बीमारियों में से एक है मलेरिया जिसका समय रहते इलाज नहीं किया गया तो यह जानलेवा भी हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुये लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है।
जिला मलेरिया प्रोग्राम पदाधिकारी डा. राम कुमार के अनुसार गिरियक प्रखंड में इस वर्ष अभी तक मलेरिया का 1 मरीज हैं जिले में कुल 1053 मरीजों की जांच की गयी. .इस अवसर पर स्कूल,पंचायत,एवं घर घर जाकर मलेरिया के खतरे से जनमानस को अवगत कराना है तथा लोगों को समझाना है मलेरिया की सही व पूरी जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है. उन्होंने बताया की मलेरिया से सुरक्षा हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर तक मलेरिया की जांच एवं इलाज की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है.जिले में 1825 किट व 1400 स्लाइड बांटे गए हैं.

क्या है मलेरिया- मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है, जो एनाफिलीस मादा मच्छर के काटने से फैलती है। इससे निकालने वाला प्रोटोजुअन प्लाज्मोडियम शरीर के ब्लड के साथ मिलने लगता है जिससे धीरे-धीरे खून की कमी होने लगती है। मलेरिया के कीटाणु दो तरह होते है एक तो प्लाज्मोडियम फ़ेल्सीपेरम (पीएफ़) जो कभी-कभी जानलेवा हो सकता है, वहीं दूसरा प्लाज्मोडियम वाईवेक्स (पीवी) यह सामान्य मलेरिया होता है। इन दोनों बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को सही समय पर उचित इलाज तथा चिकित्सकीय सहायता द्वारा ठीक किया जा सकता है। सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मलेरिया का निःशुल्क उपचार किया जाता है।
मलेरिया से ग्रसित व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई पड़ते हैं-
• सर्दी वाला बुखार होना
• ज्वर,सरदर्द व उल्टियाँ होना
• थकावट के साथ अत्यधिक पसीना आना.
क्या है उपचार- मलेरिया के लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाकर खून की जांच करानी चाहिए ताकि सही उपचार हो सके. मलेरिया के मरीजों को क्लोरोक़ुइन एवं प्राइमाकुईन नामक दवा दी जाती है जिससे मलेरिया के लक्षण तीन दिनों के अन्दर घटने लगते हैं. जिला के मलेरिया इंस्पेक्टर चितरंजन कुमार के अनुसार अपने घर,दफ्तर एवं कामकाज की जगह पर पानी न जमा होने देना, कूलर के पानी को नियमित रूप से बदलना एवं साफ़ सफाई का ध्यान मलेरिया से बचने का सर्वोत्तम उपाय है. सोते वक्त मुसहरी का प्रयोग भी मलेरिया से बचाव में सहायक है.