उत्तर प्रदेश के बदायूं में दो मासूम बच्चों की निर्मम हत्या की दुस्साहसिक वारदात से हड़कंप मच गया है। मंडी समिति चौकी के पास बाबा कॉलोनी में मंगलवार को इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था। हालांकि पुलिस ने बीती रात एक आरोपी साजिद को मुठभेढ़ में मार गिराया है। वहीं इस घटना को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर यूपी में दंगा, फसाद और सांप्रदायिक तनाव खड़ा करके चुनाव जीतने का आरोप लगा दिया है। इसपर बीजेपी ने भी सपा पर पलटवार कर दिया है। बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अगर सत्ता सपा की होती तो ऐसे अपराधियों को सत्ता का संरक्षण होता। हालांकि योगी सरकार में एक अपराधी का एनकाउंटर किया गया है।
बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि बदायूं की घटना हैरान और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, दुख उत्पन्न करने वाली है। ऐसी घटना पर भी समाजवादी पार्टी घटिया राजनीति पर उतर आई है। सपा घटिया राजनीति करके बेकार के आरोप लगा रही है। बीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि योगी सरकार ने ऐसी किसी घटना के खिलाफ कठोरता से कार्रवाई करने का उदाहरण दिया है। इस मामले में भी एनकाउंटर करके अपराधी को मार गिराया गया है। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अगर सत्ता सपा की होती तो ऐसे अपराधियों को सत्ता का संरक्षण होता। व्यर्थ के आरोप-प्रत्यारोप लगाने से बेहतर होता कि सपा पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम कर सकती थी। अगर सपा मरहम नहीं लगा सकती तो कम से कम जख्मों पर नमक छिड़के।
बदायूं की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोल दिया है। सपा के आधिकारिक मीडिया सेल की ओर से इस मामले पर पोस्ट के जरिए प्रहार किया गया है। सपा ने हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी यूपी में दंगा-फसाद, सांप्रदायिक तनाव खड़ा करके चुनाव जीतना चाहती है। इसी कारण से ऐसी घटनाओं को खुद अंजाम दिलवा रही है। जिलों में सांप्रदायिक तनाव पैदा करवा रही है, जिसका परिणाम बदायूं की की घटना है।
सपा ने कहा कि बीजेपी जब जनता के असल मुद्दों से हार चुकी है तो धार्मिक विवाद, धार्मिक लड़ाई ही भाजपा का आखिरी हथियार बचा है। BJP के इशारे पर ही कई गुंडे, बदमाश खुले घूम रहे और भाजपा के इशारे पर ही ऐसी वारदातें कर रहे जिसके कारण समाज में लड़ाई झगड़ा बढ़ रहा है
बदायूं डबल मर्डर केस में मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी साजिद और उसके भाई जावेद के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR में लिखा गया है कि आरोपी साजिद ने मेरी पत्नी से कहा कि उसे पैसे चाहिए क्योंकि उसकी पत्नी बच्चे को जन्म देने वाली है। जब वह पैसे लेने के लिए अंदर गई, तो उसने कहा कि वह अस्वस्थ महसूस कर रहा है और छत पर टहलने जाना चाहता है। वो मेरे बेटों (मृतक) को अपने साथ ले गया। आरोपी ने अपने भाई जावेद को भी छत पर बुला लिया था। जब मेरी पत्नी लौटी तो उसने साजिद और जावेद को हाथों में चाकू लिए देखा। साजिद ने मेरे जीवित बेटे पर भी हमला करने की कोशिश की और उसे चोटें आईं। दोनों भाग रहे थे और साजिद ने मेरी पत्नी से कहा कि आज उसने अपना काम पूरा कर लिया है।
सनसनीखेज डबल मर्डर केस में एसएसपी बदायूं आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि आरोपी साजिद अपना नाई का खोखा पीड़ित परिवार के घर के समाने रखता था। ऐसे में उसके घर में आना-जाना भी था। कल शाम 7:30 बजे वे घर के अंदर गया और छत पर दोनों बच्चे खेल रहे थे, उन पर हमला किया और दोनों बच्चों की हत्या कर दी। वो जब जाने लगा तो भीड़ ने पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वो भीड़ से निकल कर भाग गया। पुलिस को सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाल ली। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी ने पुलिस पर फायर किया। जवाबी फायरिंग में साजिद की मौत हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बिल्कुल सामान्य है। शहर में कोई दिक्कत नहीं है। जिले में हर जगह स्थिति सामान्य है। हम सोशल मीडिया पर नजर बनाए हुए हैं।