25 महीने से चल रही है रूस-यूक्रेन में लड़ाई ,रूस कहता रहा है इसे एक स्पेशल ऑपरेशन

रूस ने यूक्रेन पर अपने हमले के दो साल से भी ज्यादा समय के बाद युद्ध की बात मानी है। यूक्रेन में अपने हमले को एक स्पेशल ऑपरेशन कहते रहे रूस ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि वह “स्टेट ऑफ वॉर” यानी युद्ध की स्थिति में था, क्योंकि उसने अपने पड़ोसी क्षेत्र पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक कड़ी शुरू कर दी थी। रूस ने करीब 90 मिसाइलें और 60 से अधिक ईरानी-डिजाइन के कामिकेज ड्रोन यूक्रेन में दागे। इससे बिजली स्टेशनों सहित “दर्जनों” एनर्जी सर्विस को नुकसान पहुंचा। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि यह देश के बिजली और हीटिंग नेटवर्क को पंगु बनाने का एक प्रयास था। इन हमलों में कम से कम तीन लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल हो गए।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने शुक्रवार को एक अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा कि हम युद्ध की स्थिति में हैं। यह स्वीकारोक्ति एक तरह से युद्ध में तेजी का भी संकेत है। क्रेमलिन ने लगातार इसे “विशेष सैन्य अभियान” ही कहा था। पेस्कोव ने कहा कि यह एक विशेष सैन्य अभियान के रूप में शुरू हुआ था लेकिन जब सामूहिक पश्चिम यूक्रेन की ओर से भागीदार बन गया तो हमारे लिए यह एक युद्ध बन गया। रूस लगातार पश्चिमी देशों पर यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करके संघर्ष में प्रत्यक्ष भागीदारी का आरोप लगाता रहा है।

रूसी हमलों ने यूक्रेन के कम से कम नौ क्षेत्रों को प्रभावित किया है। इसमें खार्किव और जापोरिजिया से लेकर पश्चिमी यूक्रेन में लविवि और इवानो-फ्रैंकिव्स्क तक प्रभावित है। यूक्रेन के सरकारी पावर ग्रिड उक्रनेर्गो की ओर से कहा गया है कि यूक्रेन की ऊर्जा प्रणाली पर शुक्रवार सुबह का रूसी हमला रिकॉर्ड पर सबसे बड़ा था। इसमेंदर्जनों बिजली प्रणाली सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसमें थर्मल और पनबिजली संयंत्रों के साथ-साथ प्रमुख और क्षेत्रीय बिजली लाइनें भी शामिल हैं। इसने सात क्षेत्रों में आपातकालीन ब्लैकआउट कर दिया गया है।

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