जीवनदायिनी कही जाने वाली पवित्र नर्मदा नदी में नाले का गंदा पानी जाने से अब स्थानीय लोग नाराज नजर आ रहे हैं। अब लोग सरकार और स्थानीय निकाय को जिम्मेदार बता कर सवाल खड़ा कर रहे हैं। 21 सालों से प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और नर्मदापुरम में नर्मदा नदी में नगर की गंदगी सीधे मिल रही है। सरकार ने कई बार इस प्रोजेक्ट की बात की लेकिन अब तक कोई काम नही हुआ।
बता दें कि नर्मदा नदी में नर्मदापुरम नगरीय क्षेत्र के 7 नालों का पानी जा रहा है। नगर पालिका द्वारा पानी को फिल्टर करने के लिए संयंत्र लगाने की बात कई बार कही गई, लेकिन अभी तक कोई काम नही हुआ है। यहां तक की भाजपा से नगर पालिका अध्यक्ष रहे अखिलेश खंडेलवाल ने नर्मदा शुद्धिकरण को लेकर पैरों में जूते-चप्पल पहनना भी छोड़ दिया। अपनी ही पार्टी के सामने नर्मदा शुद्धिकरण के लिये संकल्प लिया कि जब तक नर्मदा शुद्धिकरण नही होगा तब तक जूते चप्पल नही पहनेंगे।
साल में एक बार सूबे के मुख्यमंत्री नर्मदा जयंती पर कार्यक्रम में शामिल होने यहां आते हैं, लेकिन अभी तक नर्मदा को लेकर सिर्फ मंच से भाषण सुनने को मिले हैं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एक बार और नर्मदा शुद्धिकरण का मुद्दा उठने लगा है। यहां अब नाले कि दीवार फूटने से नाले की गंदगी और पानी नर्मदा नदी में मिल रहा है, जिसका वीडियो नर्मदापुरम में जमकर वायरल हो रहा है।