खुद अंबेडकर भी नहीं बदल सकते भारत का संविधान’, लालू यादव के आरोप पर PM मोदी ने गया से दिया जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गया की रैली में एक बार फिर से सीधे-सीधे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को निशाने पर लिया। पीएम मोदी ने पूरे भाषण में लालू प्रसाद यादव के उन आरोपों पर सफाई देते दिखे जिसमें उन्होंने बीजेपी के 400 सीट आने पर संविधान बदलने की बात कही थी। पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि देश का संविधान कोई नहीं बदल सकता है। बता दें कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोमवार को न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा था बीजेपी संविधान बदलने की तैयारी में है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि जो भी ऐसा करने की कोशिश करेगा जनता उसकी आंख निकाल लेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि क्या लालटेन से मोबाइल चार्ज होगा क्या? यह लालटेन वाले लोग आपको आधुनिक युग में नहीं जाने देंगे, इनका राज होता तो आपके मोबाइल की बैटरी भी चार्ज नहीं हो पाती। पूरी दुनिया में इस वक्त अस्थिरता है, देश को जरूरत है इस वक्त मजबूत फैसले लेने वाली सरकार की। ऐसी सरकार जो मजबूत फैसला ले सके।

गया की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की 19 तारीख को मतदान होना है और पूरी ताकत से बीजेपी को विजयी बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालू प्रसाद यादव का नाम लिए बगैर कहा जो लोग संविधान को राजनीतिक हथियार की तरह उपयोग करना चाहते हैं वह जरा कान खोल कर सुन लें, पिछले तीन दशक से आपने लोगों को डराए रखने के लिए, लोगों को भयभीत रखने के लिए, भांति-भांति के विकृत नॉरेटिव कथाएं प्रचलित की है। कभी यह लोग कहते थे कि आरएसएस बीजेपी आएगी तो देश जल जाएगा, बंट जाएगा। अटल जी के समय से हम सरकार चला रहे हैं, लेकिन देश को सबसे ज्यादा शांति का समय हमारे कालखंड में मिला है। यह लोग कभी कहा करते हैं आरएसएस बीजेपी वाला आएगा उद्योगपतियों को देश छोड़कर भागना पड़ेगा, लेकिन आज भी सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेकर आन-बान शान के साथ प्रगति कर रहे हैं। उसका लाभ ले रहे हैं।

यह कहते थे कि हम लोग प्रगतिशील लोग नहीं है, हमने दिखा दिया चंद्रयान में जाने की ताकत किसमे है। वैसे ही पिछले 25 साल से एक पुरानी रिकॉर्ड घूम रहे हैं जब भी बीजेपी आगे बढ़ती है तो संविधान का राजनीतिक शास्त्र के लिए प्रयोग करते हैं और झूठ फैलाते हैं कि संविधान बदल देंगे। मोदी और बीजेपी तो क्या, स्वयं बाबा भीमराव अंबेडकर भी इस संविधान को नहीं बदल सकते हैं।

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