उद्धव सरकार ने महाराष्ट्र के बड़े बीजेपी नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना बना ली थी: सीएम शिंदे

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर बड़ा खुलासा किया है। शिंदे ने कहा है कि पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे सरकार ने डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस सहित राज्य के प्रमुख बीजेपी नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना तैयार की थी। शिंदे ने यह बड़ा खुलासा टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक विशेष इंटरव्यू में किया है। सीएम ने खुलासा किया कि सेना राज्य में 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जिसमें मुंबई की तीन सीटें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर महायुति सहयोगियों के बीच कोई मनमुटाव नहीं है और वे विकास के मुद्दे पर प्रचार करके 42 सीटें जीतने के 2019 के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि पूर्ववर्ती एमवीए सरकार ने जून 2022 में (उद्धव सरकार गिरने से पहले) आशीष शेलार, गिरीश महाजन, प्रवीण दरेकर और फडणवीस को गिरफ्तार करने की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि एमवीए सरकार बीजेपी विधायकों के एक वर्ग को लुभाने की कोशिश में थी। शिंदे जून 2022 में उद्धव के खिलाफ ‘विद्रोह’ करके राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। वे इस साल जून में कार्यालय में दो साल पूरे करेंगे। पिछले दो साल की घटनाओं को याद करते हुए शिंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे का सपना सीएम बनने का था। महाविकास आघाडी (एमवीए) का गठन एक पूर्व नियोजित कदम था। शिंदे ने कहा कि अपने पिता की तरह किंगमेकर बनने के बजाय उद्धव खुद राजा बनना चाहते थे।

शिंदे ने इस बात से इनकार किया कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने मुख्यमंत्री के लिए उद्धव का नाम प्रस्तावित किया था। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत ठाकरे ने उनसे कहा था कि उन्हें सीएम बनाया जाएगा। जब एमवीए सरकार का गठन हो रहा था, तो मुझे इस उम्मीद में और भी अधिक पुलिस बंदोबस्त मिला कि मुझे सीएम बनाया जाएगा, लेकिन बाद में उन्होंने मुझे बताया कि शरद पवार ने सीएम के लिए उद्धव ठाकरे का नाम सुझाया था। हालांकि पवार ने मुझे स्पष्ट किया कि सेना ने भेजा था लोगों ने उनसे ठाकरे के नाम की सिफारिश करने को कहा, इसलिए उन्होंने ही पवार से कहा कि वह ठाकरे के नाम का प्रस्ताव रखें। शिंदे ने मौजूदा सांसदों के टिकट काटने के सवाल पर कहा कि भावना गवली और हेमंत पाटिल को बीजेपी के ‘सर्वेक्षण’ के कारण हटाया गया था। उम्मीदवारों का बदलाव एक आंतरिक मामला था। बीजेपी द्वारा हमसे उम्मीदवार बदलने के लिए कहने का कोई सवाल ही नहीं है।

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