सूरत लोकसभा सीट पर ‘शर्मनाक’ हार के बाद कांग्रेस का बड़ा एक्शन,नीलेश कुंभाणी को किया सस्पेंड

गुजरात कांग्रेस ने सूरत से प्रत्याशी रहे निलेश कुंभाणी (Nilesh Kumbhani) को पार्टी से छह साल के लिए सस्पेंड कर दिया है। कांग्रेस की अनुशासन समिति ने कुंभाणी को सस्पेंड करने का फैसला लिया है। कुंभाणी को पार्टी ने सामने आकर जवाब देने का वक्त दिया था लेकिन उन्होंने फॉर्म रद्द होने के बाद अपना जवाब अब तक नहीं दिया है।

नीलेश कुंभाणी पर बीजेपी के साथ मिलकर खुद के नामांकन को रद्द कराने के आरोप लगे थे। पार्टी ने पांच दिनों के इंतजार के बाद यह कार्रवाई की। नीलेश कुंभाणी फार्म रद्द होने के बाद मीडिया के सामने नहीं आए हैं। वे कांग्रेस नेताओं के संपर्क में भी नहीं है। कुंभाणी कांग्रेस में काफी लंबे समय से थे। सूरत सीट से नामांकन रद्द होने के बाद जहां बीजेपी ने पहली निर्विरोध जीत हासिल की है और मुकेश दलाल पार्टी के पहले निर्विरोध निर्वाचित लोकसभा सदस्य बने हैं तो वहीं दूसरी नीलेश कुंभाणी अंडरग्राउंड हैं।

गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति (GPCC) की अनुशासन समिति के सदस्य बालुभाई पटेल ने यह जानकारी मीडिया को दी है। उन्होंने कहा कि अनुशासन समिति की बैठक में व्यापक चर्चा के बाद नीलेश कुंभाणी को छह साल के लिए निलंबित किया गया है। पार्टी ने बयान में कहा है कि कुंभाणी को अपना पक्ष रखने का समय दिया गया था, लेकिन वे नाटकीय तरीके से गैरहाजिर रहे। उन्होंने इस मामले पर पार्टी को कुछ भी नहीं बताया है। लोकसभा कैंडिडेट के तौर नामांकन रद्द होने काफी गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे लोकतंत्र के महाचुनाव में पहली बार मतदान करने जा रहे 18 साल के युवा मतदाता को भी निराशा हाथ लगी है। इस तरह की स्थिति बेहद शर्मनाक है। सूरत में इस पूरी घटना के बाद काफी गुस्सा भी देखने काे मिला रहा है। कुंभाणी 21 अप्रैल से लापता हैं। उनकी तरफ से कोई अपडेट सामने नहीं आया है।

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