उत्तर प्रदेश की बदायूं लोकसभा सीट पर चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। जहां एक ओर भाजपा और सपा के दोनों उम्मीदवार ऐड़ी से चोटी तक का जोर लगाए हुए हैं। वहीं जनता में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर जारी है। बदायूं जिले में एक शपथ-पत्र सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। उक्त शपथ-पत्र में दो वकीलों में दो लाख की शर्त यूं लगने की बात कही जा रही कि भाजपा जीतेगी या सपा दोनों अधिवक्ताओं ने अपने-अपने प्रत्याशियों की हार जीत की बाजी लगाते हुए दो लाख की शर्त लगाई है। अब शपथ-पत्र जब वायरल हुआ तो जिले भर में वकीलों की शर्त की चर्चा आम हो गई है।
दरअसल पूरा माजरा यह है कि बदायूं लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार दुर्विजय सिंह शाक्य की जीत होगी या सपा प्रत्याशी आदित्य यादव जीतेंगे। इसके लिए दो व्यक्तियों में 2 लाख की शर्त लगी है।
बताते हैं कि उझानी के रहने वाले दिवाकर वर्मा और बदायूं निवासी सतेंन्द्र पाल दोंनो पेशे से अधिवक्ता है। दोनों के बीच दस रूपये के स्टांप पर अनुबंध हुआ है। वायरल शपथ-पत्र के मुताबिक कहा गया कि यदि भाजपा प्रत्याशी जीतते हैं तब सतेंन्द्र पाल दिवाकर को 2 लाख रुपए देंगे।
यदि सपा प्रत्याशी जीतते हैं तो दिवाकर सतेंन्द्र को 2 लाख रूपये रूपये 15 दिन के भीतर नकद देंगे। उपरोक्त शपथ-पत्र पर दो गवाहों के भी हस्ताक्षर हैं। उसमें लिखा है कि चुनाव में किसी प्रकार की धांधलेबाजी होती है तो यह अनुबंध निरस्त समझा जाएगा। खैर जो भी सही मगर इस अजब-गज़ब शर्त के चर्चे हो रहे हैं।