लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने एक बार फिर कुछ बोला है। फिर हंगामा मचा है। फिर प्रधानमंत्री मोदी उस बयान को ले उड़े हैं। फिर बीजेपी को कांग्रेस और उसके बहाने विपक्षी गठबंधन पर हमले का मौका मिल गया है। एक बार फिर कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। एक बार फिर पार्टी ने पित्रोदा के बयान से किनारा कर लिया है। लोकसभा चुनाव के तीन चरणों की वोटिंग हो चुकी है और अब सिर्फ 4 चरण का मतदान बाकी है यानी तकरीबन आधा चुनावी सफर तय हो चुका है। लेकिन ‘हुआ तो हुआ’ वाले सैम पित्रोदा आखिर कब तक चुप रह सकते हैं! अमेरिका का हवाला देकर इनहेरिटेंस टैक्स यानी विरासत कर की वकालत कर चुके पित्रोदा ने अब भारतीयों के रूप-रंग पर अपना ज्ञान दिया है।
एक इंटरव्यू में उन्होंने भारत की विविधता को बयां करते-करते घोर नस्लवादी टिप्पणी कर दी। ज्ञान दे दिया कि पूर्वोत्तर के लोग चाइनीज की तरह लगते हैं। पश्चिम भारत के लोग अरब जैसे। उत्तर भारत के लोग अंग्रेजों की तरह और दक्षिण भारत के लोग अफ्रीकियों जैसे। बयान पर हंगामा मचना ही था। बीजेपी ने बयान को लपक लिया। पीएम मोदी ने गुस्से में कांग्रेस को नसीहत दे दी। ‘संविधान को सिर पर लेकर नाचने वालों’ को चमड़ी के रंग के आधार पर देशवासियों का अपमान नहीं करने की नसीहत। बीजेपी के बाकी नेता भी हमलावर हैं। बैकफुट पर आई कांग्रेस पित्रोदा के बयान से खुद को अलग कर रही है।
पिछले महीने अमेरिका की तर्ज पर इनहेरिटेंस टैक्स की वकालत करने वाले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने अब नस्लवादी टिप्पणी से कांग्रेस की मुश्किल बढ़ा रहे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं, जहां पूर्व में रहने वाले लोग चाइनीज जैसे दिखते हैं, पश्चिम में रहने वाले अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर में रहने वाले मेरे ख्याल से गोरे लोगों की तरह दिखते हैं, वहीं दक्षिण में रहने वाले अफ्रीकी जैसे लगते हैं। इससे फर्क नहीं पड़ता। हम सब भाई-बहन हैं।’
क्या हमारे देश में ये शहजादे… मैं बहुत गुस्से में हूं आज दोस्तो। मुझे कोई गाली दे, मुझे गुस्सा नहीं आता। मैं सहन कर लेता। लेकिन आज शहजादे के फिलॉस्फर ने इतनी बड़ी गाली दी है जिससे मुझमें गुस्सा भड़क गया है। कोई मुझे बताइए, क्या मेरे देश में चमड़ी के रंग के आधार पर लोगों की योग्यता तय होगी? ये चमड़ी के रंग का खेल शहजादे को किसने इजाजत दी है। संविधान सिर पर लेकर नाचने वाले लोग चमड़ी के रंग के आधार पर मेरे देशवासियों का अपमान कर रहे हैं।