मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में नकली नोटों के धंधे का खुलासा हुआ है। आरोपी कपड़े बेचने की आड़ में नकली नोटों का धंधा करते थे। उन्होंने बताया है कि कैसे वे इस धंधे को करते थे। कोर्ट ने 2 आरोपियों को 5 साल की सजा सुनाई है।
कपड़े बेचने की आड़ में महिलाओं और बच्चों की दुकानों पर जाकर नकली नोट चलाने वाले आरोपियों को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए 5-5 साल की सजा हुई है। बड़वानी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनन्द कुमार तिवारी बड़वानी ने नकली नोट चलाने वाले उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरपुर क्षेत्र के आरोपी रवीन्द्र और रिजवान को 5 वर्ष तक का करावास तथा 3 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
प्रॉसिक्यूशन के अनुसार 28 सितम्बर 2021 को पुलिस चौकी ओझर के बल ने मुखबिर की सूचना पर एक किराना दुकान पर नोट चलाने की कोशिश कर रहे दोनों आरोपियों को 200 रुपए के नकली नोटों के साथ धर दबोचा। इन नोटो को देवास प्रेस नोट में जांच कराये जाने पर वे नकली पाये गये। पुलिस ने आरोपी रिजवान के खलघाट (धार जिले) स्थित किराये के मकान से 200 रूपये मूल्य वर्ग के 28 नकली भारतीय मुद्रा नोट बरामद किये। इन नोटो में 8-8 एवं 6-6 नोट एक ही क्रमांक के पाये गये। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि उन्होंने गाजियाबाद उत्तर प्रदेश तथा ग्राम खलघाट में एक अन्य व्यक्ति से नकली नोट प्राप्त किये।
एक अन्य आरोपी रविन्द्र ने बताया कि वह विभिन्न ग्रामों का दौरा करता था और कपड़े बेचने की आड़ में महिला एवं बच्चों द्वारा संचालित दुकानों पर जाकर सामान खरीदने के लिये नकली नोटो का असली नोटों के रूप में उपयोग करते थे। न्यायालय ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया है कि आरोपियो द्वारा किया गया अपराध आर्थिक अपराध है, जिसकी गंभीरता समाज पर प्रभाव को देखते हुए आरोपियो को उचित दंड दिया जाना चाहिए।