इस देश से चारधाम की यात्रा करने आया परिवार, बदरीनाथ में अलकनंदा नदी में बहा बेटा

चारधाम की यात्रा करने के लिए मलेशिया से एक परिवार भारत पहुंचा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि इतनी बड़ी अनहोनी हो जाएगी। दरअसल, मलेशिया से आया एक परिवार मंगलवार को बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचा। इस दौरान बदरीनाथ धाम के पास अलकनंदा नदी में पिता-पुत्र बह गए। हालांकि, बचाव दलों ने पिता को तो सुरक्षित बचा लिया, लेकिन पुत्र नहीं मिला। घटना बदरीनाथ धाम में गांधी घाट पर हुई। 

सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और नदी में तलाशी अभियान चलाया। बचाव दलों ने सुरेश चंद्र को घटनास्थल से करीब 200 मीटर की दूरी पर जाकर बचा लिया, लेकिन उनका पुत्र डॉ बलराज सेठी (40) पानी के तेज बहाव में बह गया। सेठी को ढूंढने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

सुरेश चंद्र को निकटवर्ती विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, मलेशिया निवासी पिता-पुत्र अपने परिवार के चार अन्य सदस्यों के साथ 14 सितंबर को भारत पहुंचे थे। आज वे बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचे थे।

यमुनोत्री धाम में 2 तीर्थयात्रियों की मौत

एक अन्य खबर में, उत्तराखंड के यमुनोत्री धाम के दर्शन कर लौट रहे दो तीर्थयात्रियों की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। सोमवार सुबह 11:40 पर यमुनोत्री मंदिर के दर्शन करने के बाद जानकीचट्टी पार्किंग के समीप एक तीर्थयात्री बेहोश हो गया। उसे तत्काल जानकीचट्टी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आंगूचा गांव के रहने वाले 61 वर्षीय कैलाश चंद्र असावा के रूप में हुई है। 

वहीं, एक अन्य घटना में रविवार देर रात एक तीर्थयात्री का जानकीचट्टी में स्वास्थ्य खराब हो गया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत तीर्थयात्री की पहचान आंध्र प्रदेश के 64 वर्षीय श्रीनिवास कुचिमोटला के रूप में हुई। इस साल चारधाम यात्रा पर आने वाले 198 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य खराब होने के कारण मौत हो चुकी है, जिनमें से सर्वाधिक 92 मौतें केदारनाथ में हुई हैं। तबीयत बिगड़ने के कारण 36 मौतें यमुनोत्री में हुई हैं।

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