औषधि नियामक प्राधिकरण (CDRA) ने बाजार में उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता के बारे में गंभीर चिंताएं जताई हैं। व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली Shelcal 500, combination drug Pan D और लाइफ मैक्स कैंसर लेबोरेटरीज द्वारा निर्मित Vitamin D3 की गोलियां भी टेस्ट में फेल रही हैं। कुल 49 दवा नमूनों को “Not of Standard Quality” (NSQ) करार दिया गया है, जिसमें पैरासिटामोल, ऑक्सीटोसिन और फ्लुकोनाज़ोल जैसी जानी-मानी दवाएं भी शामिल हैं। CDRA के क्वालिटी टेस्ट में लगभग 3,000 नमूनों को शामिल किया गया था, जिसमें से 1.5% को घटिया पाया गया।
टैम्सुलोसिन और डुटास्टेराइड टैबलेट्स (UrimaxD)
कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट्स आईपी (SHELCAL 500)
पैंटोप्राज़ोल गैस्ट्रो-रेसिस्टेंट और डोम्पेरिडोन प्रोलॉन्ग्ड-रिलीज़ कैप्सूल आईपी (PAN-D)
नंद्रोलोन डेकानाओट इंजेक्शन आईपी 25mg/ml (DecaDurabolin 25 Inj.)
इसके अलावा, रिपोर्ट में उन 49 दवाओं के बारे में बताया गया है, जो क्वालिटी टेस्ट में फेल रही हैं। इस लिस्ट में अल्केम हेल्थ साइंस, एरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स और हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स जैसी फेमस कंपनियों के कई प्रोडक्ट्स शामिल हैं। जांच में कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड द्वारा उत्पादित पैरासिटामोल की गोलियों में भी गुणवत्ता संबंधी मुद्दे सामने आए हैं।
ड्रग कंट्रोलर जनरल अजीत सिंह रघुवंशी ने जनता को आश्वासन दिया है कि किसी विशिष्ट बैच के दवा नमूनों के फेल होने का मतलब यह नहीं है कि उस नाम से बिकने वाले सभी उत्पाद खराब गुणवत्ता के हैं। केवल उस विशेष बैच को ही घटिया माना जाता है। सीडीआरए की जन सुरक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता के तहत, नकली और एनएसक्यू दवाओं को बैच-वार आधार पर वापस बुला लिया गया है।