जापान की अदालत ने समलैंगिकों के हक में दिया बड़ा फैसला, शादी की मंजूरी न देने को बताया असंवैधानिक

जापान की एक अदालत ने फैसला सुनाया है कि समलैंगिक विवाह की अनुमति देने से इनकार करना असंवैधानिक है और इस प्रकार के संबंधों की अनुमति देने वाला कानून लाने के लिए तत्काल सरकारी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। वादी और समलैंगिक समुदाय ने अदालत के इस फैसले की सराहना की और कहा कि यह समानता की दिशा में बदलाव की आशा पैदा करता है।

जापान में अदालत के पास विवाह संबंधी वर्तमान कानून को पलटने की शक्ति नहीं है। वर्तमान कानून की व्याख्या के अनुसार, विवाह केवल एक पुरुष और एक महिला के बीच हो सकता है। जब तक मौजूदा कानून में संशोधन कर उसमें समलैंगिक जोड़ों को शामिल नहीं किया जाता या इस संबंध में कोई नया कानून नहीं बनाया जाता तब तक सरकारी कार्यालय समलैंगिक जोड़ों के विवाह की अनुमति देने से इनकार कर सकते हैं।

साप्पोरो उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि समलैंगिंक जोड़ों के विवाह को मान्यता नहीं दिए जाने से समानता और विवाह की स्वतंत्रता के उनके मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है। अदालत में तीन समलैंगिक जोड़ों ने एक अधीनस्थ अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी। अधीनस्थ अदालत ने समलैंगिक जोड़ों को वैवाहिक समानता नहीं दिए जाने को असंवैधानिक करार दिया था, लेकिन उन्हें हुई पीड़ा को लेकर उनकी ओर से किए गए मुआवजे के दावों को खारिज कर दिया था। जापान में इससे पहले भी कई अदालतें फैसला सुना चुकी हैं कि समलैंगिक विवाह की अनुमति नहीं दिया जाना असंवैधानिक है।

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