इलेक्टोरल बॉन्ड्स पर जारी राजनीतिक घमासान के बीच फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर पूरी चर्चा अनुमानों पर आधारित है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इससे पहले का सिस्टम फूलप्रूफ था। सीतारमण ने स्वीकार किया कि यह परफेक्ट सिस्टम नहीं है लेकिन पिछले सिस्टम से बेहतर है
उन्होंने कहा कि हमें इससे सीखने की जरूरत है। इसे लेकर नया कानून आएगा या नहीं, इसे लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन इतना यह है कि हम इस सिस्टम को और पारदर्शी बनाने के लिए प्रयास करते रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एसबीआई ने इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा चुनाव आयोग को भेजा था, जिसे आयोग ने सार्वजनिक कर दिया है।
सीतारमण ने कहा, ‘मामला अब भी कोर्ट में चल रहा है। क्या इससे पहले का सिस्टम फूलप्रूफ था। यह परफेक्ट सिस्टम नहीं है लेकिन पिछले सिस्टम से बेहतर है। हमें इससे सीखने की जरूरत है। इसे लेकर नया कानून आएगा या नहीं, मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर रही हूं। हम इस प्रोसेस को और पारदर्शी बनाने के प्रयास करेंगे। इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था पुराने सिस्टम से अलग था। इसमें इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बैंक अकाउंट्स में पैसा आता था। पहले का सिस्टम परफेक्ट नहीं था लेकिन अब हम ऐसे सिस्टम में पहुंचे हैं जो 100 परसेंट परफेक्ट नहीं है।