पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव चौथे और अपने सबसे कठिन दौर में चल रहा है। ऐसे में दो विश्व कप विजेता क्रिकेटर कीर्ति आजाद और यूसुफ पठान बंगाल की राजनीतिक पिच पर किस्मत आजमा रहे हैं। 65 साल के कीर्ति आजाद 1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे। अब वह बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं 41 साल के यूसुफ पठान मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से उतरे हैं। पठान 2011 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं। ये दोनों तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और राजनीतिक दिग्गजों के खिलाफ मुकाबले में हैं। आजा बर्धमान-दुर्गापुर से पश्चिम बंगाल बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि पठान पांच बार के कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। हालांकि दोनों की उम्मीदवारी बहुत बहस का विषय रही है। क्योंकि टीएमसी ने बंगाल के बाहर से उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का फैसला किया है।
कीर्ति आजाद पहले कांग्रेस और अब टीएमसी में जाने से पहले बीजेपी से सांसद और विधायक दोनों रहे हैं। आजाद बर्धमान-दुर्गापुर की औद्योगिक टाउनशिप में दुर्गापुर स्टील से स्थानीय लोगों को बेदखल करने के प्रयासों का मुद्दा उठाते रहे हैं। आजाद अपने अभियान के दौरान कहते हैं कि मैं मर जाऊंगा लेकिन तुम्हें अपनी जमीन से बेदखल नहीं होने दूंगा। आजाद बीजेपी नेता को चुनौती देते हुए कहते हैं कि अगर दिलीप घोष में साहस है तो उन्हें आकर कहना चाहिए कि लोगों को जमीन से बेदखल नहीं किया जाएगा।
पूर्व दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ स्पिन गेंदबाज कीर्ति आजाद हिंदी में अपने भाषण के दौरान लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद एसएस अहलूवालिया के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हैं। वह कहते हैं कि क्या यहां बीजेपी सांसद के लापता होने के पोस्टर नहीं लगाए गए थे? क्या वह वहां थे जब डीएसपी लोग बेदखली के लिए आये थे? यहां उनके प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के दिलीप घोष को लाठियां और त्रिशूल लहराते हुए देखा जाता है। वहीं कीर्ति आजाद को अक्सर लोकसभा क्षेत्र की दुकानों में जलेबी बनाते देखा जाता है।