लोकसभा चुनाव रिजल्ट 2024 खूब चर्चित रहे। चुनाव रिजल्ट का असर सिर्फ मोदी, किंगमेकर की वापसी और इंडिया ब्लॉक पर ही नहीं बल्कि अमरावती पर भी हुआ है। अमरावती में बहुत दिलचस्प चल रहा है। चुनाव के नतीजे आने के सिर्फ तीन दिन बाद ही इस आंध्र प्रदेश के शहर में रियल एस्टेट की कीमतों में 50% से लेकर 100% तक की बढ़ोतरी हुई है। टीडीपी, जन सेना और बीजेपी गठबंधन की भारी जीत ने राजधानी को लेकर अनिश्चितताओं को दूर कर दिया है और खरीदारों की रुचि फिर से जागृत हो गई है। हालांकि, बहुत कम लेन-देन हो रहे हैं क्योंकि राजधानी क्षेत्र में अब शायद ही कोई विक्रेता बचा है। हर कोई 12 जून को राजधानी क्षेत्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पास होने वाले एन चंद्रबाबू नायडू के सीएम के रूप में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमरावती के पक्ष में बयान की उम्मीद कर रहा है।
किसानों को उम्मीद है कि अगर प्रधानमंत्री सकारात्मक बयान देते हैं तो जमीन की कीमतों में और बढ़ोतरी होगी। पूर्व सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी के 2019 में तीन राजधानियों की योजना की घोषणा के बाद जमीन की कीमतों में 60% से 75% तक की गिरावट आई थी। भविष्य की राजधानी अमरावती हो सकती है इस पर संशय हुआ और लोगों का सारा उत्साह गायब हो गया। पांच साल बाद, सरकार बदलने के साथ अब अमरावती में रियल्टी सेक्टर कीमतों के मामले में तेजी से उछाल आया है।
अमरावती के एक किसान गिंजुपल्ली सुब्बाराव ने बताया कि उन्हें संभावित खरीदारों से कई कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘छह महीने पहले तक कोई खरीदार नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों की धारणा बदलने लगी है और लोग बदलाव महसूस कर रहे हैं। चुनाव के नतीजे गठबंधन के पक्ष में आने के बाद, जमीन की कीमतें 2018 के स्तर पर वापस आ गई हैं।’
चुनाव प्रचार के दौरान नायडू ने कहा था कि सत्ता में आने के तुरंत बाद अमरावती को पुनर्जीवित किया जाएगा। टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश ने कहा कि उनकी पार्टी के पास 2018 में सत्ता खोने से पहले अमरावती के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान को बदलने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मास्टरप्लान का कोई बेहतर विकल्प नहीं है और वे शहर को आत्मनिर्भर मॉडल पर विकसित करने की मूल रणनीति पर ही कायम रहेंगे।नायडू अब ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को पूरा करने की योजना बना रहे हैं। इससे निजी निवेशकों और डिवेलपर्स को अपना कारोबार शुरू करने के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन मिलेगा। कई केंद्रीय सरकारी संस्थानों जैसे भारतीय रिजर्व बैंक, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी), सीपीडब्ल्यूडी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम जैसे एनटीपीसी, ओएनजीसी, इंडियन बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और अन्य ने अमरावती में अपने क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने के लिए भूमि खरीदी है।