मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के आदेश पर भोजशाला में सर्वे की शुरुआत हो गई है। सर्वे के आदेश के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को झटका लगा है। मुस्लिम पक्ष ने अर्जेंट हियरिंग की याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अर्जेंट हियरिंग से मना कर दिया है। वहीं, सर्वे के लिए एएसआई की टीम सुबह छह बजे ही धार पहुंच गई थी। खुदाई वाली जगहों को एएसआई की टीम ने चिह्नित कर ली है।
वहीं, एएसआई ने भोजशाला परिसर में आज से काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार होने की वजह मुस्लिम पक्ष के लोग कमाल मौलाना मस्जिद में नमाज पढ़ने आते हैं। इस दौरान एएसआई की टीम ने उस वक्त नमाज रोक दी थी। वहीं, नमाज खत्म होने के बाद एएसआई की टीम ने फिर से खुदाई शुरू की। छह सप्ताह के अंदर एएसआई टीम को हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में अपनी रिपोर्ट पेश करनी है। इसकी वजह से टीम तेजी से काम करेगी।
धार भोजशाला परिसर के आसपास सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है। अंदर जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है। इसके बाद प्रवेश दिया जा रहा है। गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया है। सुरक्षा जांच के बाद ही मजदूरों को एंट्री मिल रही है। वहीं, कैंपस में सीसीटीवी कैमरे पर लगाए गए हैं। उससे भी मॉनिटरिंग की जा रही है।
हालांकि मीडिया से बात करते हुए शहर काजी ने कहा है कि मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई अधिकृत प्रतिनिधि खुदाई के दौरान मौजूद नहीं है। साथ ही यह भी आरोप लगाया है कि हमें सर्वे को लेकर एएसआई की तरफ से कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। साथ ही मुस्लिम समाज के लोगों ने यहां पांच टाइम नमाज के लिए अनुमति मांगी है।