ईरान ने शनिवार रात और रविवार तड़के सैकड़ों की संख्या में मिसाइलें और रॉकेट इजरायल पर दागे। ईरान ने सीधा हमला बोलते हुए निशाना बनाया तो इजरायल ने भी इसका जवाब देने की बात कही। इजरायल की ओर से भले ही अभी तक कोई आक्रामक कदम नहीं उठाया है लेकिन आने वाले समय में वह कुछ बड़ा कर सकता है। इजरायल ने ईरानी धरती पर रणनीतिक लेकिन दर्दनाक हमले की योजना बनाई है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की युद्ध कैबिनेट इसके लिए सही समय का इंतजार कर रही है, क्योंकि इस समय पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से इजरायल पर हवाई हमले के बाद से दोनों देश एक-दूसरे को धमकियां दे रहे हैं। ठंडे दिमाग से काम लेने की अंतरराष्ट्रीय अपील के बावजूद नेतन्याहू के समर्थकों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि जवाबी हमला ही एकमात्र उपाय है। एक खुफिया सूत्र ने खुलासा किया कि इजरायल की युद्ध कैबिनेट अब इस बात पर सहमत हुई है कि उनका बदला लेना रणनीतिक लेकिन दर्दनाक होना चाहिए। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि इजरायल का हमला सीमित होने की उम्मीद है लेकिन यह ईरान की सीमाओं के अंदर होगा।
कान समाचार की रिपोर्ट कहती है कि इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ईरान में मौके का फायदा उठाने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। कई रिपोर्ट अटकलें भी लगाई गई हैं कि क्या इजरायली सेना सीधे ईरानी धरती पर हमला करेगी। इस तरह का कदम दोनों के बीच तनाव को बढ़ाएगा। काफी लोगों का मानना है कि इजरायल सीधे हमले की बजाय ईरानी दूतावास या प्रॉक्सी समूह को निशाना बनाएंगे।