अमेरिका के फ्लोरिडा में डेढ़ मिलियन डॉलर (1.25 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने श्वेता पटेल (42) नाम की गुजराती महिला को अरेस्ट किया है। फ्लोरिडा में ब्रैडेंटन पुलिस विभाग (Bradenton police department) का मानना है कि धोखाधड़ी में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। अप्रैल में पुलिस को शिकायत मिली थी कि एक 80 साल के अमेरिकी व्यक्ति के साथ 1.5 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि बुजुर्ग व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी फरवरी 2024 में शुरू हुई थी। जिसमें कथित तौर पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह में शामिल दो लोग शामिल थे। जिन्होंने उनसे 1.5 मिलियन डॉलर की उगाही की थी। वे पहले पीड़ित के घर पहुंचे थे और इसके बाद बुजुर्ग व्यक्ति को डराया-धमकाया था। इस दौरान उन्होंने फेडरल एजेंट बताते हुए बुजुर्ग के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने का हवाला दिया था।
इस मामले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी जिम कुरुलाना के अनुसार पीड़ित के घर आए दो फर्जी एजेंटों ने संदेह से बचने के लिए अपने सुपरवाइजर को फोन करने का नाटक किया था। एक नकली संघीय एजेंट के नकली सुपरवाइजर के रूप में बोलने वाली एक महिला ने चर्चा की कि यदि पीड़ित जेल नहीं जाना चाहते तो वे क्या कर सकते हैं। फिर उसी महिला ने पीड़ित को दिन में दो से तीन बार फोन किया, जिसने पीड़ित को आश्वस्त किया कि वह सामाजिक सुरक्षा घोटाले करने वाले लोगों को पकड़ने में पुलिस की मदद कर सकती है। इसके लिए जालसाज गिरोह ने ‘फर्जी स्टिंग ऑपरेशन’ की कहानी बनाकर पीड़ित से टुकड़ों-टुकड़ों में डेढ़ करोड़ डॉलर का सोना खरीदा और अलग-अलग ठिकानों पर अपने आदमियों से सोना भी वसूला।पीड़ित को तब यह लगा कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए संघीय एजेंटों की मदद कर रहा है, और जिन लोगों को वह सोना दे रहा था, वे स्टिंग ऑपरेशन कर रहे थे। हालांकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं था। ठगी करने वाला गिरोह पुलिस की मदद का झांसा देकर पीड़ित को धोखा दे रहा था।