इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी जंग विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गई है। ईरान ने इजरायल पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। मंगलवार रात करीब 10 बजे के करीब ईरान ने इजरायल पर एक के बाद एक करीब 200 मिसाइलें दागीं। ये हमले करीब 30 मिनट तक चलते रहे। इजरायल के आसमान पर ईरान की मिसाइलों की बरसात होती रही। इजरायल के आयरन डोम सिस्टम ने कुछ मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया तो कुछ मिसाइलों को भूमध्य सागर में तैनात अमेरिकी डेस्ट्रायर USS कोल और USS Bulkeley ने तबाह किया। इसके बावजूद ईरान ने दावा किया कि उसकी मिसाइलों ने इजरायल के तीन एयरबेस और मोसाद के हेड क्वार्टर को निशाना बनाया है।
ईरान की एजेंसी IRGC ने दावा किया है कि उसकी 90 फीसदी मिसाइलें इजरायल में अपने सही ठिकानों पर गिरी हैं। ईरान और इजराइल की दूरी करीब 2100 किमी है और ईरान से इजराइल तक पहुंचने में दो देश इराक और जॉर्डन को पार करना होता है। ऐसे में ये चर्चाएं तेज हो गई हैं कि ईरान की मिसाइल क्षमता कितनी उन्नत और आधुनिक है जिसके बलबूते वे इजराइल समेत पश्चिमी देशों को आंख दिखा रहा है।इस जंग की शुरुआत पिछले साल 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले के बाद शुरू हुई। इसके बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ जंग का ऐलान किया। अब तक वो हमास के इंफ्रास्ट्रक्चर और उसकी लीडरशिप को लगभग पूरी तरह खत्म कर चुका है लेकिन ये जंग केवल इजरायल और हमास तक सीमित नहीं है। इजरायल ने लेबनान में हमले कर हिजबुल्लाह के चीफ नरसल्लाह को ढेर कर दिया है। इजरायल की फौज लेबनान में घुसकर ऑपेशन कर रही है। इजरायल यमन में हूती विद्रोहियों को भी निशाना बना रहा है। अब ईरान के इजरायल पर मिसाइल दागने के बाद ये जंग चार मोर्चों पर शुरू हो गई है।
ईरान ने इस हमले को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 2’ नाम दिया है। इजरायल पर हमला करने के लिए ईरान ने बैलिस्टिक से हापरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है। तो आइए आपको बताते हें कि ईरान ने हमले के लिए किन-किन मिसाइल का इस्तेमाल किया है और ये कितनी ताकतवर हैं और इनकी मारक क्षमता कहां तक है-