नई दिल्ली:
राज्य सभा की 37 सीटों के लिए हुए चुनाव में एनडीए को जबर्दस्त कामयाबी मिली है. जिन ग्यारह सीटों के लिए कल वोट डाले गए उनमें एनडीए ने नौ सीटें जीत लीं. पार्टी ने बिहार और ओडिशा में एक-एक अतिरिक्त सीट जीती जबकि हरियाणा में कांटे की टक्कर के बाद एक सीट उसके खाते में आई.
37 सीटों का पूरा निचोड़
26 सीटों पर निर्विरोध चुनाव हुआ था जिनमें एनडीए ने 13 सीटें जीती थीं. इस तरह 37 में से एनडीए ने 22 सीटें जीत कर बड़ी कामयाबी हासिल की है. विपक्ष के खाते में 15 सीटें आई हैं. कांग्रेस के लिए राहत की बात यह है कि उसकी राज्यसभा में विपक्ष के नेता की कुर्सी बची रहेगी.
NDA का शानदार प्रदर्शन
एनडीए ने महाराष्ट्र की सात में से छह, बिहार की सभी पांच, असम की सभी तीन, ओडिशा की चार में से तीन, तमिलनाडु की पांच में से दो, पश्चिम बंगाल की पांच में से एक और हरियाणा और छत्तीसगढ़ की दो में से एक सीट जीती. मनोनीत सांसद रंजन गोगोई का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है जिनकी जगह जल्दी ही मनोनयन होगा और वह सीट भी एनडीए के खाते में ही गिनी जाएगी.
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राज्यसभा में NDA को बहुमत
इसका सीधा असर राज्यसभा में देखने को मिलेगा. ऊपरी सदन में एनडीए अब स्पष्ट बहुमत हासिल कर चुका है. बीजेपी 103 सीटों के साथ पहले ही सबसे बड़े दल के रूप में मजबूती से खुद को स्थापित कर चुकी थी. ताजा परिणामों के बाद पार्टी की स्थिति और अधिक मजबूत होगी. बीजेपी और उसके सहयोगियों की सीटें बढ़ कर 135 से भी अधिक हो गईं हैं जो महत्वपूर्ण बिलों को पारित कराने में बेहद मददगार साबित होने वाली हैं.