महाराष्ट्र की अमरवती लोकसभा सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ है। बीजेपी ने मौजूदा सांसद नवनीत राणा को अपना उम्मीदवार बनाया है।

2019 में निर्दलीय जीतीं अमरावती से सांसद नवनीत राणा की बीजेपी में एंट्री से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी में शामिल होने के बाद नवनीत राणा ने कहा है कि मैं बीजेपी की कार्यकर्ता बनकर काम करूंगी। नवनीत राणा ने अपने पति की अगुवाई वाली राष्ट्रीय युवा स्वाभिमान पार्टी से 27 मार्च को त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें महाराष्ट्र की अमरावती सीट से कैंडिडेट घोषित किया था। इसके अगले दिन 28 मार्च को नवनीत राणा ने महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी।

नवनीत राणा के बीजेपी में शामिल होने और अमरावती से उम्मीदवार बनाए जाने पर शिवसेना नेता अनंतराव अडसुल ने निर्दलीय लड़ने का ऐलान किया है, तो वहीं निर्दलीय विधायक बच्चू कडू ने भी नवनीत राणा के लिए प्रचार नहीं करना का ऐलान किया है। ऐसे में सवाल है कि निर्दलीय बीजेपी और अविभाजित शिवसेना के उम्मीदवार अनंतराव अडसुल को हराकर जीती नवनीत राणा क्या अमरावती में कमल खिला पाएंगी?

अमरावती से बीजेपी की कैंडिडेट बनी नवनीत राणा चार अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगी। बीजेपी में शामिल होने के बाद नवनीत राणा ने कहा था कि अमरावती में आज तक कभी कमल नहीं खिला। अमरावती के लोगों की इच्छा थी कि इस समय कमल खिले। नवनीत राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारी इच्छा पूरी की। राणा ने कहा था कि आनंदराव अडसुल साहब हों, या बच्चू कडू हों, हम सभी एनडीए के घटक हैं। टिकट क्लियर हो गया है। सब ठीक है। अमरावती जिले के विकास और महाराष्ट्र के लिए मोदी जी जरूरी हैं। विकास के लिए एक साथ आएं और जो अवसर हमें मिला है। उसका सही मायने में लाभ उठाएं। अमरावती से नवनीत राणा के सांसद चुने जाने से पहले यहां से आनंदराव अडसुल सांसद थे। वे लगातार दो बार जीते थे।

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित अमरवती सीट कुछ छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें एक सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है तो एक सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। बाकी चार सीटें सामान्य है। इनमें सिर्फ एक सीट पर बीजेपी का कब्जा है। बडनेरा से नवनीत राणा के पति रवि राणा विधायक हैं। तीन सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। बाकी की दो सीटों पर प्रहार जनशक्ति पार्टी का कब्जा है। ऐसे में बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ने उतरी नवनीत राणा के सामने अमरावती में कमल खिलाने की चुनौती होगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights