NIA के बंगाल छापे से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उठाया बड़ा कदम

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में कार्रवाई की। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस हंगामेदार एक्शन से पहले राज्यों में 34 विशेष लोक अभियोजकों (SPP) की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। उनमें से आठ को पश्चिम बंगाल और सात को दिल्ली को आवंटित किया गया, जहां एनआईए का मुख्यालय है। गृह मंत्रालय से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है, ‘केंद्र सरकार अदालतों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से मामलों की पैरवी करने के लिए अधिवक्ताओं को तीन वर्ष की अवधि के लिए विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) के रूप में नियुक्त करती है।’ एसपीपी स्पेशल एनआईए कोर्टों और हाई कोर्टों में पैरवी करेंगे। नोटिफिकेशन में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मद्रास, मेघालय सहित अन्य राज्यों के लिए एसपीपी के नाम भी दिए गए हैं।

पश्चिम बंगाल के लिए जहां पांच एसपीपी के नाम दिए गए हैं, वहीं कोलकाता में एनआईए की विशेष अदालत और उच्च न्यायालय के लिए तीन की नियुक्ति की गई है। एजेंसी पश्चिम बंगाल में बम विस्फोटों, एफआईसीएन जब्ती, इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा की गतिविधियों से संबंधित 18 मामलों की जांच कर रही है। शनिवार को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले में एनआईए की टीम पर हमला किया गया था, जब वह दिसंबर 2022 में हुए विस्फोट में कथित संलिप्तता के दो प्रमुख आरोपी बलाई चरण मैती और मनोब्रत जाना को गिरफ्तार करने के लिए उनके ठिकानों की तलाशी ले रही थी। उस बम ब्लास्ट में तीन लोग मारे गए थे।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने विस्फोट में मारे गए तीनों के खिलाफ 3 दिसंबर, 2022 को प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के प्रावधान लागू नहीं किए गए थे। बाद में अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं को लागू करने और मामले को एनआईए को ट्रांसफर करने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई, जिसने 4 जून, 2023 को इसे अपने हाथ में ले लिया और हाई कोर्ट के आदेश पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित कानून की विभिन्न धाराओं के तहत दिल्ली में मामले को फिर से दर्ज किया।एनआईए ने अपनी जांच के बाद मामले में कई लोगों की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। इनमें नारुआबिला गांव के मनोब्रत जाना और निनारुआ अनलबेरिया के बलाई चरण मैती को गिरफ्तार करने में एजेंसी को कामयाबी मिली है। एनआईए ने आरोप लगाया कि दोनों आरोपियों ने कच्चे बम बनाने की साजिश में सक्रिय रूप से भाग लिया था। एजेंसी के बयान के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोलकाता में एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights