चुनावी माहौल में सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो ने विपक्षी दलों को भाजपा सरकार पर हमले का मौका दे दिया है। रविवार की देर रात भीड़भाड़ वाले गोदौलिया चौराहे पर हिंदूवादी संगठन पुलिस से भिड़ गए। इसके बाद सोमवार शाम भाजपा नेता चिताईपुर थाने के प्रभारी से एक मामले को लेकर उलझ गए। इन दोनों मामलों में आरोपी सत्ताधारी दल से जुड़े हैं। ऐसे में कांग्रेस और सपा को हमला करने का मौका मिल गया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने वीडियो को शेयर करते हुए भाजपा के साथ आरएसएस को भी आड़े हाथों लेते हुए दबंगई का आरोप लगाया है। पहले मामले के अनुसार, रविवार की देर रात दशाश्वमेध थाने पर तैनात एएसआई आनंद प्रकाश ने एक केटीएम बाइक सवार को रोका और कागजात के बारे में पूछा। बाइक सवार ने अभद्रता करते हुए उप निरीक्षक आनंद प्रकाश पर रौब झाड़ते हुए अपने कई साथियों को बुला लिया। तनातनी के बीच हिंदूवादी संगठन से जुड़े युवकों ने जांच कर रही पुलिस पर हमला बोल दिया। इसी झड़प का वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हुआ। वायरल वीडियो में युवक वर्दी उतरवाने की धमकी देते हुए भी दिख रहा है। उप निरीक्षक ने इन युवकों के खिलाफ धारा 307 जैसे संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।
इस वीडियो को शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। अपने X हैंडल पर उन्होंने लिखा है- देश के प्रधान संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा दरोगा के साथ हिंसक व्यवहार भाजपाई अराजकता की पराकाष्ठा है। अब देखते हैं इन असामाजिक तत्वों के घरों पर बुलडोजर कब चलता है।’