स्कूल बस में कितना सेफ है आपका बच्चा, जानिए क्या हैं स्कूल बस के लिए गाइडलाइंस

महेंद्रगढ़ के उन्हानी गांव में बच्चों को स्कूल ले जा रही बस पलट गई। जिसमें 6 बच्चों की मौत हो गई जबकि कई बच्चे घायल हो गए हैं। इस हादसे में घायल हुए एक बच्चे ने बताया कि ड्राइवर बहुत तेज गाड़ी चला रहा था। वो शराब के नशे में था और बस को 120 की स्पीड में रहा था जिसकी वजह से बस का संतुलन बिगड़ा और बस पलट गई। स्कूल बस के ड्राइवर की लापरवाही की वजह से आज कई परिवार ने अपने मासूम बच्चों को खो दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है लेकिन अगर स्कूल बस का ड्राइवर स्कूली बसों के लिए जारी की गई गाइडलाइंस का पालन करता तो आज ये हादसा नहीं होता है। आइए आपको बताते हैं कि स्कूल बस के क्या नियम हैं।
स्कूल बस पीले कलर की होनी चाहिए। इसके साथ ही उस पर स्कूल बस जरूर लिखा होना चाहिए।
स्कूल बस में फर्स्ट-एड- बॉक्स होना जरूरी है। बस की खिड़की में ग्रिल लगी होनी चाहिए। इसके साथ ही बस में आग बुझाने वाला यंत्र भी लगा होना चाहिए।
स्कूल बस पर स्कूल का नाम और टेलिफोन नंबर भी होना चाहिए। इसके साथ ही दरवाजों पर ताले लॉक भी लगा होना चाहिए।
स्कूल बस में एक अटेंडेंट होना चाहिए इसके साथ ही अधिकतम स्पीड 40 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए।
स्कूली कैब के ड्राइवर के पास कम से कम चार साल की एलएमवी-ट्रांसपोर्ट वाहन चलाने का लाइसेंस होना चाहिए।
स्कूली बस के ड्राइवर को हमेशा यूनिफॉर्म में होना चाहिए। इसके साथ ही बच्चों के बैग को छत के कैरियर पर नहीं रखा होना चाहिए।
किंडरगार्टन मामले में अगर मां बाप अधिकृत जगह पर बच्चों को लेने नहीं आते हैं तो उस बच्चे को स्कूल वापस ले जाया जाएगा ।
स्कूल की बसों में जीपीएस और सीसीटीवी भी लगा होना चाहिए और उसकी 60 दिन की फुटेज सुरक्षित होनी चाहिए।

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