महा विकास आघाडी में सीट बंटवारे में उद्धव सेना को 21 सीटें, कांग्रेस को 17 सीटें और शरद पवार की एनसीपी को 10 सीटें मिली हैं। लेकिन दक्षिण-मध्य मुंबई और सांगली सीट उद्धव सेना को देने और भिवंडी लोकसभा सीट एनसीपी को देने पर कांग्रेस की ओर से भारी विरोध किया जा रहा है।ऐसे शुरू हुआ विरोध
बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मुंबई प्रदेश कार्यालय एमआरसीसी में जमा हुए। कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का मन बनाया था, लेकिन पार्टी के पदाधिकारियों ने मीटिंग हॉल में बुलाया। वहां पर पार्टी के कोषाध्यक्ष संदीप शुक्ला, मुंबई कांग्रेस संगठन प्रभारी प्रनिल नायर, शीतल म्हात्रे सहित अन्य नेताओं ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को समझाया कि विरोध प्रदर्शन करने से पार्टी में गलत संदेश जाएगा।ये लोग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखेंगे। उन्हें पूरी सच्चाई बताएंगे। साथ ही दक्षिण-मध्य मुंबई लोकसभा चुनाव क्षेत्र कांग्रेस को देने और इसके एवज में उत्तर मुंबई सीट उद्धव सेना को देने की मांग करेंगे। साथ ही कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलकर उन्हें बताएगा कि कांग्रेस का उम्मीदवार वहां से कैसे जीत सकता है और उनका उम्मीदवार किस गणित के आधार पर नहीं जीत सकता। पूरी स्थित की जानकारी ठाकरे को देंगे।
सांगली सीट पर भी कांग्रेस की असहमति
सांगली में विधायक व कांग्रेस का युवा चेहरा विश्वजीत कदम ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी नाराजगी प्रकट की। कदम ने कहा कि सांगली जिले में ज्यादातर विधायक कांग्रेस के हैं। इसी तरह जिला परिषद और स्थानीय निकाय पर भी कांग्रेस का कब्जा है। इसलिए सांगली सीट कांग्रेस को मिलनी चाहिए। इस पर पार्टी को एक बार फिर से विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने एकतरफा निर्णय लिया है, जो सही नहीं है। इसलिए सांगली की सीट कांग्रेस को दी जाए। दूसरी ओर, वहां से कांग्रेस से सीट मांग रहे विशाल पाटील के भाई व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रतीक पाटील ने वंचित बहुजन आघाडी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि सांगली से कांग्रेस में बड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है।