गुजरात की 26 लोकसभा सीटों के लिए 7 मई को वोट डाल जाएंगे। राज्य में नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही गर्मी के तेवरों से राजनीतिक दलों में बेचैनी हैं। उन्हें आशंका है कि पारे के और ऊपर जाने पर वोट डालने के कम लोग घरों से निकल सकते हैं। इस सब के बीच गुजरात में चुनाव आयोग ने वोटिंग बढ़ाने के लिए कई इनीशिएटिव शुरू कर दिए हैं। इसमें आयोग ने फैसला किया है कि गुजरात के मतदाताओं को 20 लाख निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे। इसमें लोगों से वोट डालने की अपील की जाएगी। इसमें ज्यादा संख्या महिला वोटरों की होगी।
गुजरात में अप्रैल महीने की शुरुआत में ही पारा 40 के करीब पहुंच गया है। अप्रैल के अंत तक पारे के और ऊपर जाने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। ऐसे में राजनीतिक दल जहां सुबह और शाम को ज्यादा संख्या में मतदाताओं को बूथ तक लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं तो वहीं गुजरात में निर्वाचन अधिकारी लोकसभा चुनाव में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के अपने प्रयास के तहत राज्य भर में मतदाताओं को निमंत्रण पत्र भेजने का फैसला किया है। यह निमंत्रण पत्र खासकर महिलाओं को भेजे जाएंगे। चुनाव अधिकारियों के अनुसार इस पहल में 13,000 से अधिक ऐसे मतदान केंद्रों को दायरे में लाया गया है जहां पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच अंतर 10 प्रतिशत से अधिक है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कुल मतदान 50 प्रतिशत से कम था।