महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों से पहले एक बार फिर एमवीए सरकार के समय जबरन वसूली का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। एनसीपी (एसपी) नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के देवेंद्र फडणवीस के ऊपर साजिश के आरोपों के बाद इस मामले में अरेस्ट किए गए पुलिस ऑफिसर सचिन वाजे ने दो पूर्व मंत्रियों की मुश्किल बढ़ाने वाला बयान दिया है। वाजे ने कहा है कि पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े ऑर्केस्ट्रा बार जबरन वसूली मामले में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे अपने कथित पत्र में एमवीए सरकार के एक अन्य मंत्री जयंत पाटिल का नाम लिया था। हत्या के एक मामले में फिलहाल जेल में बंद वाजे के खुलासे से बीजेपी और एनसीपी (एसपी) के बीच फिर से जुबानी जंग शुरू हो गया है।
वाजे ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि उन्होंने फडणवीस को लिखे अपने पत्र में उन्होंने पाटिल का नाम लिया है। जयंत पाटिल शरद पवार की पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हैं। वाजे के बयान के बाद नागपुर में मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि मैंने वाजे का पत्र नहीं पढ़ा है। मीडिया रिपोर्टों से इसके बारे में पता चला है। अगर वाजे ने वास्तव में ऐसा कोई पत्र भेजा है, तो इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की जाएगी और जांच की जाएगी। वाजे के बयान पर एनसीपी-एसपी के जयंत पाटिल ने कहा कि आजकल, जेल में बंद व्यक्ति भी साक्षात्कार दे रहा है। उनके (वाजे) खिलाफ गंभीर आरोप हैं, मुझे नहीं लगता कि मुझे उन्हें जवाब देने की जरूरत है।
वाजे ने शुक्रवार को मीडिया से बात की थी। जब पुलिस की एक टीम उन्हें अदालत से जेल ले जा रही थी। यह मामला हाल ही में तब चर्चा में आया जब देशमुख ने दावा किया कि फडणवीस ने तीन साल पहले तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य, तत्कालीन डिप्टी सीएम अजीत पवार और पूर्व मंत्री अनिल परब के खिलाफ झूठे हलफनामे दाखिल करने के लिए उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया था। 2021, कार्यकाल के दौरान हत्या के एक मामले में जेल में बंद पूर्व पुलिसकर्मी सचिन वाजे (बीच में) ने कहा कि उन्होंने पूर्व मंत्री जयंत पाटिल का नाम डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (बाएं) को लिखे अपने पत्र में एक अन्य पूर्व मंत्री अनिल देशमुख (दाएं) से जुड़े जबरन वसूली के मामले में लिया था।