हमारे देश में प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों का पुराना इतिहास रहा है। आज भी हमें प्रॉपर्टी से जुड़े लड़ाई-झगड़ों की तमाम खबरें देखने, सुनने और पढ़ने को मिल जाती हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों की एक बड़ी वजह ये भी है कि हमारे देश में कई लोगों को प्रॉपर्टी से जुड़े कानूनों की जानकारी नहीं है। आज हम यहां जानेंगे कि क्या एक शादीशुदा बहन अपने भाई की प्रॉपर्टी पर दावा ठोक सकती है। वो कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें एक बहन अपने भाई की सारी प्रॉपर्टी पर दावा ठोक सकती है। इस सवाल का जवाब पाने के लिए कई अहम पहलुओं के बारे में भी जानना बहुत जरूरी है। रियल एस्टेट एजवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म हाउसिंग ने लखनऊ के एक वकील प्रभांशु मिश्रा के हवाले से बताया कि प्रॉपर्टी में बहन-बेटियों की हिस्सेदारी को लेकर कई तरह के नियम-कानून हैं।
कानून के मुताबिक कोई अगर माता-पिता अपनी खुद की कमाई से अर्जित की गई पूरी प्रॉपर्टी अपनी शादीशुदा बेटी को दे सकते हैं और ऐसी स्थिति में उनका बेटा यानी लड़की का भाई कुछ नहीं कर सकता है। हालांकि, पैतृक संपत्ति के मामले में भाई और बहन अपने पिता की प्रॉपर्टी में बराबर के हिस्सेदार होते हैं। हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 के मुताबिक, एक शादीशुदा बहन अपने भाई की प्रॉपर्टी या हिस्से पर कुछ खास परिस्थितियों में ही दावा कर सकती है। कानून के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति की बिना वसीयत लिखे मृत्यु हो जाती है और उसकी संपत्ति पर दावा करने वाले क्लास I के दावेदार जैसे पत्नी, बेटा या बेटी भी नहीं हैं। तो ऐसी परिस्थिति में उस व्यक्ति की बहन (क्लास II की दावेदार) अपने भाई की प्रॉपर्टी पर दावा ठोक सकती है। देश का कानून ऐसी स्थिति में बहन को भाई की प्रॉपर्टी पर दावा करने का अधिकार देता है।