कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई सांसदों ने राज्यसभा में नियम 267 के अंतर्गत नीट परीक्षा पर चर्चा की मांग की है। हालांकि सभापति की तरफ से यह मांग स्वीकार नहीं की गई। इसपर विपक्षी सांसदों ने सदन में जमकर नारेबाजी की। विपक्षी सांसद अपने स्थान पर खड़े हो गए और चर्चा की मांग करने लगे। वहीं, कुछ सांसद वेल में पहुंच गए। इस पर सभापति धनखड़ ने सांसदों का नाम लेकर उन्हें अपनी सीट पर बैठने को कहा।
हंगामा करने और वेल में आने को लेकर जगदीप धनखड़ ने कहा कि सागरिका घोष क्या आप इसी उद्देश्य के लिए संसद में आई हैं। धनखड़ ने टीएमसी के एक अन्य सांसद साकेत गोखले को कहा कि आप वर्चुअली अपने लिए ही परेशानी बन रहे हैं। उन्होंने टीएमसी के एक और सांसद से कहा कि मिस्टर डेरेक ओ’ब्रायन आप डायरेक्टर बन रहे हैं। इसके बाद भी सांसदों का हंगामा खत्म नहीं हुआ। हंगामा बढ़ने पर सभापति ने सदन की कार्रवाई 12 तक के लिए स्थगित कर दी।
इस दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के लिए 21 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि सांसद इस समय को चर्चा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। राज्यसभा में शुक्रवार को नीट से जुड़े मुद्दे पर चर्चा के लिए विपक्षी सांसदों ने नोटिस दिए हैं। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि उन्हें इस विषय पर चर्चा के लिए कुल 22 नोटिस मिले हैं।इन सांसदों ने नीट में अनियमितता, चीटिंग और पेपर लीक के विषय पर बहस के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। हालांकि सभापति ने नियम 267 के तहत दिए गए इन सभी नोटिस को अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही सभापति ने कहा कि वह सभी सदस्यों को चर्चा के लिए पर्याप्त समय देंगे। सभापति ने बताया कि इस मुद्दे पर कुछ सांसद उनसे उनके कक्ष में आकर मिले थे। इस विषय पर वहां भी उन्होंने इन सांसदों को समझाया है।